Wednesday, 22 April 2015

हम इश्क का

हम इश्क का
हर इम्तिहान देगे

जो होगा मेरा रकीब
उसे भी दुवा देगे

पर दूर नहीं रह सकता
अपनी मुहब्बत से

हम काँटों पे भी चलेगे
लबो पे हंसी सजाके

पर हुवा जो वो दूर मुझसे

उसी वक़्त हम खुद को
मिटा देगे .
         -अरबिन्द "अंज "

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