Friday, 9 October 2015

मुहब्बत की वादियां


मुहब्बत की वादियां
न जाने कहां ले जाएंगी
अभी तो है ऊंचे
दिल के अरमान,
पहाड़ो से गीरते झरनो से
दिल में एक हलचल सी होती है
पंछीयो का यूँ चहचहाना
मस्ती में बहती हवाओं का
मधुरगीत गुनगुनाना
खो सा जाता हूं
वादियों के हसीन एहसास में
तभी बादलों की गड़गड़ाहट से
कल की कठीनाईयो का एहसास हो जाता है
पर राह जो पकड़ी उसपे चलना तो होगा
ठोकरों से गिरके फिर से सम्भलना तो होगा।

       -अरबिन्द 'अश्क़'
             08 जन.17

Wednesday, 30 September 2015

आकांक्षाओं के पर

 आकांक्षाओं के पर ....

आकांक्षाओं के पर 
नाउम्मिदियों का भार 
लबों पे झूठी हंसी 
किस्मत की खुद से तकरार 
चल रही है जिंदगी 
थोड़ी हस के 
थोड़ी रो के 
पाया है कुछ ....
बहुत कुछ खो के 
दर्द का हर लम्हा 
बीत जाता है 
शायद आने वाला पल मेरा हो 
बस यही सोच के 
ठाठस दिलाता 
खुद से रूठता 
कभी खुद को मनाता 
जिंदगी के हर इम्तेहा समझता
कभी जिंदगी के सवालो में 
खुद उलझ जाता 
गिरता संभलता
खुद की पीठ थपथपाता 
लबों पे एक हसी ला 
खुद से ही ये सवाल पूछ 
खुद ही जवाब बनाता
जिंदगी दर्द सही 
पर खुशियों का मजा 
दर्द को याद करके ही आता...
              Arbind "Anj"
              07/08/15

Wednesday, 22 April 2015

हम इश्क का

हम इश्क का
हर इम्तिहान देगे

जो होगा मेरा रकीब
उसे भी दुवा देगे

पर दूर नहीं रह सकता
अपनी मुहब्बत से

हम काँटों पे भी चलेगे
लबो पे हंसी सजाके

पर हुवा जो वो दूर मुझसे

उसी वक़्त हम खुद को
मिटा देगे .
         -अरबिन्द "अंज "

हर मुस्कुराहट

हर मुस्कुराहट
अब तो वीरान हो गयी
जिंदगी हमारी
बदनाम हो गयी
फूलो को छोड़ के
कर गया मुहब्बत कांटो से
काँटों से किसी को मिली
कहां मुहब्बत
अब तो उल्फत हमारी
सरेआम हो गयी
चुभती रही सारी उम्र
उसकी बेवफाई
वफ़ा कि उम्मीद में
सुबह से शाम हो गयी .
        -अरबिन्द "अश्क "
         01 March 2010

वही दे गए आँखों में आंसू

क्या करते एतवार
हम दुनियां कि यारो ,
जिसे दिल से चाहा
वही दे गए आँखों में आंसू
हंसी जिसको दी
ख़ुशी जिसको दी
वही दे गए आँखों में आंसू
यूँ तनहा ही जी लेते तो अच्छा  होता
संग जीने मरने किजिसने कसम थी खाई
वही दे गए आँखों में आंसू
है कितना खुदगर्ज
ये जमाना
देते थे जिसका साथ तन्हाई में
वही दे गए आँखों में आंसू
काश संभल जाता
ये पागल दिल हमारा
ना करता जुस्तजू किसी का
तो ना होता घायल दिल हमारा
टूटती ना हसरत
ना बहते इन आँखों से आंसू ....
        -अरबिन्द "अश्क "
          १७ जनवरी २०१०

ऐ जिंदगी !

है रंग अनोखे तेरे
ऐ जिंदगी !
तू हंसाये भी
रुलाये भी
होके शोख चंचल
हंसी बनके आती है लबो पे
तो कभी खोमोशी
ऐ जिंदगी !
तू अपनाये भी
ठुकराए भी
पलभर में मिल जाये
दुनियां कि सारी ख़ुशी
तो पल भर में सरे ग़म
ऐ जिन्दगी !
तू जलाये भी
बुझाये भी
ना किसी का जोर
चलता है तुझ पे
तू अपनी मर्जी से
आये भी
जाये भी
है रंग अनोखे तेरे
ऐ जिन्दगी !
तू हंसाये भी
रुलाये भी .
-अरबिन्द "अश्क "
19 january 2010

सताती है जिंदगी

सताती है जिंदगी
सताते है लोग,
हंसाती है जिंदगी
तो सुर मिलाते है लोग,
बड़ी खुदगर्ज है ये दुनियां
दौलत पे बिकते है रिश्ते,
कही दौलत से दोस्त
तो कही हमराही भी बन जाते है लोग ,
ना हो दौलत तो बेकार है रिश्ते
बिन दौलत के बने रिश्ते भी
तोड़ जाते है लोग .
 
                -अरबिन्द "अश्क"
                   22 अप्रैल 2015